Gulzar shayari in hindi 2 lines

Two line Gulzar Shayari in Hindi


पढ़िए गुलज़ार साहब के कुछ कोट्स और शायरी फेमस शायरी जो के है gulzar shayari in hindi romantic, gulzar shayari for love, gulzar shayari on beauty.

कैसे करें हम ख़ुद को
तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते हैं,
तो तुम शर्ते बदल देते हो

किसी पर मर जाने से होती हैं मोहब्बत,
इश्क जिंदा लोगों के बस का नहीं

तन्हाई की दीवारों पर
घुटन का पर्दा झूल रहा हैं,
बेबसी की छत के नीचे,
कोई किसी को भूल रहा हैं

शोर की तो उम्र होती हैं
ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं

Two line Gulzar Shayari in Hindi

वक्त रहता नहीं कही भी टिक कर,
आदत इसकी भी इंसान जैसी हैं

हाथ छुटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक्त की शाख से लम्हें नहीं तोडा करते

ये रात मेरे कानो मै बस इतना कह गयी…..यार तेरी मोहब्बत तो अधूरी रह गयी!!!

एक बार तो यूँ होगा, थोड़ा सा सुकून होगा
ना दिल में कसक होगी, ना सर में जूनून होगा…
लकीरें हैं तो रहने दो

किसी ने रूठ कर गुस्से में शायद खींच दी थी
छोटा सा साया था, आँखों में आया था

हमने दो बूंदों से मन भर लिया…
सामने आया मेरे, देखा भी, बात भी की

मुस्कुराए भी किसी पहचान की खातिर…
कल का अखबार था, बस देख लिया, रख भी दिया

बहुत मुश्किल से करता हूँ,
तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है,
पर गुज़ारा हो ही जाता है

Gulzar shayari in hindi 2 lines

कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना

Gulzar Shayri in Hindi 2 lines

एक बार तो यूँ होगा, थोड़ा सा सुकून होगा
ना दिल में कसक होगी, ना सर में जूनून होगा…


लकीरें हैं तो रहने दो
किसी ने रूठ कर गुस्से में शायद खींच दी थी


छोटा सा साया था, आँखों में आया था
हमने दो बूंदों से मन भर लिया…
सामने आया मेरे, देखा भी, बात भी की
मुस्कुराए भी किसी पहचान की खातिर…
कल का अखबार था, बस देख लिया, रख भी दिया


बेहिसाब हसरते ना पालिये
जो मिला हैं उसे सम्भालिये…

वो चीज़ जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख के कहीं

तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,
रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं

कभी तो चौक के देखे वो हमारी तरफ़,
किसी की आँखों में हमको भी वो इंतजार दिखे

Gulzar Shayri in Hindi 2 lines

कैसे करें हम ख़ुद को
तेरे प्यार के काबिल,
जब हम बदलते हैं,
तो तुम शर्ते बदल देते हो

किसी पर मर जाने से होती हैं मोहब्बत,
इश्क जिंदा लोगों के बस का नहीं

तन्हाई की दीवारों पर
घुटन का पर्दा झूल रहा हैं,
बेबसी की छत के नीचे,
कोई किसी को भूल रहा हैं

शोर की तो उम्र होती हैं
ख़ामोशी तो सदाबहार होती हैं

वक्त रहता नहीं कही भी टिक कर,
आदत इसकी भी इंसान जैसी हैं

हाथ छुटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते,
वक्त की शाख से लम्हें नहीं तोडा करते

दिल अगर हैं तो दर्द भी होंगा,
इसका शायद कोई हल नहीं हैं

2 line motivational gulzar shayari

पलक से पानी गिरा है,
तो उसको गिरने दो
कोई पुरानी तमन्ना,
पिंघल रही होगी

बहुत मुश्किल से करता हूँ,
तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है,
पर गुज़ारा हो ही जाता है

2 line motivational gulzar shayari

कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत
मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना

गुलज़ार हिन्दी कविता


आदमी बुलबुला है पानी का
और पानी की बहती सतह पर टूटता भी है, डूबता भी है,
फिर उभरता है, फिर से बहता है,
न समंदर निगला सका इसको, न तवारीख़ तोड़ पाई है,
वक्त की मौज पर सदा बहता आदमी बुलबुला है पानी का।

बीच आसमाँ में था
बात करते- करते ही
चांद इस तरह बुझा
जैसे फूंक से दिया
देखो तुम….
इतनी लम्बी सांस मत लिया करो

सूरज झांक के देख रहा था खिड़की से
एक किरण झुमके पर आकर बैठी थी,
और रुख़सार को चूमने वाली थी कि
तुम मुंह मोड़कर चल दीं और बेचारी किरण
फ़र्श पर गिरके चूर हुईं
थोड़ी देर, ज़रा सा और वहीं रूकतीं तो

आओ तुमको उठा लूँ कंधों पर
तुम उचकाकर शरीर होठों से चूम लेना
चूम लेना ये चाँद का माथा
आज की रात देखा ना तुमने
कैसे झुक-झुक के कोहनियों के बल
चाँद इतना करीब आया है

Gulzar 2 line Poetry

बेहिसाब हसरते ना पालिये
जो मिला हैं उसे सम्भालिये…


मन की पीड़ा को मैं तुमसे बताऊ कैसे? ऐ इश्क़ बता मे खुद को आत्मनिर्भर बनाऊं कैसे?

Gulzar Poetry
जो दुरियो में भी कायम रहा वो इश्क़ ही कुछ और था!!

Gulzar Poetry

Gulzar Shayari in Hindi 2 Lines on Life


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तुम हिंदी का सब्द हो तो में गणित का सवाल मेरा हल तो एक है तेरा अर्थ हज़ार..💝

उस पर मर मीटे थे हम, और उसी ने मरा हुआ मान लिया!💔

तेरी हर बात के लिए माने, ये मोहब्बत है कोई नौकरी नहीं..😟

इन बादलों के बीच कही खो गया है, सुना है मेरा चाँद किसी और का हो गया है..🤔

Amazing Short Shayari Gulzar Love, Sad and Romantic
बदन के दोनों किनारों से जल रहा हु मै……के छू रहा हु तुझे और पिघल रहा हु मै!!!!

Gulzar Poetry
ज़िंदगी से वादा यूँ भी निभाना पड़ गया, खुल के रोना चाहा था मुस्कुराना पड़ गया!!

gulzar love shayari in hindi 2 lines

अकेले खुश हु अब मैं परेशान मत कर, इश्क़ है तो इश्क़ कर एहसान मत कर!!!

Gulzar Poetry
गुलज़ार साहब के कुछ कोट्स और शायरी के बेहतरीन कारवां

Gulzar Shayari in Hindi

हमने आपके लिए चुने है सबसे बेस्ट गुलज़ार की शायरी जो के है

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कुछ सुनसान पड़ी है ज़िंदगी, कुछ वीरान हो गए है हम, जो हमें ठीक से जान भी नहीं पाया, खामखां उसके लिए परेशान हो गए है हम!!!!!

Gulzar Poetry
मोहब्बत और इज़्ज़त इतनी मत देना कि वो आपकी कदर ही भूल जाये!!!

वफ़ा भी तुमसे, खफा भी तुमसे और नसिब रहा तो निकाह भी तुमसे!!!!

तुझे भूल जाने के लिए क्या क्या कर रहा हु मै, अंशु, ख़ामोशी, उदासी सभी की कीमत अदा कर रहा हु मै!!!

तेरी चुप्पी गर तेरी कोई मज़बूरी है तो रहने दे इश्क़ कौन सा जरुरी है!!

मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है, मिल जाये जब भी और ना मिले तब भी!!

Gulzar Poetry

शाम से आँख में नमी सी है, आज फिर आप की कमी सी है. दफ़्न कर दो हमें के साँस मिले, नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है

जिस की 👀आँखों में कटी थीं सदियाँ, उसीने सदियों की जुदाई दी है

2 line Gulzar Shayari on Love

वो चीज़ जिसे दिल कहते हैं,
हम भूल गए हैं रख के कहीं

तेरे जाने से तो कुछ बदला नहीं,
रात भी आयी और चाँद भी था, मगर नींद नहीं

कभी तो चौक के देखे वो हमारी तरफ़,
किसी की आँखों में हमको भी वो इंतजार दिखे

गुलज़ार कोट्स हिन्दी

कभी तो चौक के देखे कोई हमारी तरफ़,😣 किसी की आँखों में हमको भी को इंतजार दिखे।💌

Gulzar Poetry
छोटा सा साया था, आँखों में आया था, ओश की बूंदों सी थी तुम्हारी मोहब्बत जिसे हमने इस सीने में समाया था।

Gulzar Love Shayari in 2 lines

Best Collections of Gulzar Shayari in Hindi Love
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तेरे ख़त मैं इश्क़ की गवाही आज भी है, हर्फ धुँधले हो गए पर सियाही आज भी है!!!

Gulzar Poetry
एक वक़्त है जो अकेला गुजरता नहीं, एक वक़्त है जो तेरे साथ ठहरता नहीं!!!

Gulzar Poetry
लोग भी कमाल करते है, जबाब जानते हुए भी सवाल करते है!!!

कहने को तो बहुत कुछ बाकी है मगर तेरे लिए मेरी खामोशी ही काफी है!!!

मैंने खोया वो जो मेरा था ही नहीं, उसने खोया वो जो सिर्फ उसी का था!!!

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हु, नफरत करने लगा तो ज़िक्र भी नहीं करूँगा….!!

वो दौर भी आया सफर मै, जब मुझे अपनी पसंद से भी नफरत हुई…!!

Gulzar Poetry
उसको भी हमसे मोहब्बत हो ज़रूरी तो नहीं, इश्क़ ही इश्क़ की कीमत हो जरुरी तो नहीं!!

Gulzar Quotes Hindi

मोहब्बत का एक उसूल है, तू जैसी भी है मुझे कबूल है

मुझे छोड़ कर वो खुश है तो सिकायत केसी, अब्ब मैं उससे खुश ना देखु तो मोहबात केसी!!!

कभी तुम्हारी याद आती है, कभी तुम्हारे खाब आते है, मुझे सताने के तरीके तो तुम्हे बेहिसाब आते है!!

इतना क्यों सिखाये जा रही है ज़िन्दगी हमें कौन सी सदियाँ गुज़ारनी है यहाँ!!

हँसता तो मैं रोज़ हूँ मगर खुश हुए ज़माना हो गया!!

लोग कहते है की खुश रहो मगर मजाल है की रहने दे!!

कौन कहता है की हम झूठ नहीं बोलते एक बार तुम खेरियत पूछ कर तो देखो!!!

गुलजार की दो लाइन शायरी

सबसे बेहतरीन शायरी Gulzar Ki Shayari Sad

गुलजार की दो लाइन शायरी
Gulzar Quotes Hindi Sad

वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी वो नफ़रत भी तुम्हारी थी हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे मांगते वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी!!

याद आएगी हर रोज़ मगर तुझे आवाज़ ना दूँगा लिखूँगा तेरे ही लिए हर ग़ज़ल मगर तेरा नाम ना लूँगा!!

मैं दिया हूँ मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं!!

तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी, जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं!!

BEST 2 LINE SHAYARI BY GULZAR

आँखों से आँसुओं के मरासिम पुराने हैं
मेहमाँ ये घर में आएँ तो चुभता नहीं धुआँ

यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता
कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

आप के बाद हर घड़ी हम ने
आप के साथ ही गुज़ारी है

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसान उतारता है कोई

आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई

तुम्हारी ख़ुश्क सी आँखें भली नहीं लगतीं
वो सारी चीज़ें जो तुम को रुलाएँ, भेजी हैं

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते

ज़मीं सा दूसरा कोई सख़ी कहाँ होगा
ज़रा सा बीज उठा ले तो पेड़ देती है

काँच के पीछे चाँद भी था और काँच के ऊपर काई भी
तीनों थे हम वो भी थे और मैं भी था तन्हाई भी

खुली किताब के सफ़्हे उलटते रहते हैं
हवा चले न चले दिन पलटते रहते है

शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है

वो उम्र कम कर रहा था मेरी
मैं साल अपने बढ़ा रहा था

कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है

काई सी जम गई है आँखों पर
सारा मंज़र हरा सा रहता है

उठाए फिरते थे एहसान जिस्म का जाँ पर
चले जहाँ से तो ये पैरहन उतार चले

सहर न आई कई बार नींद से जागे
थी रात रात की ये ज़िंदगी गुज़ार चले

कोई न कोई रहबर रस्ता काट गया
जब भी अपनी रह चलने की कोशिश की

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की

कोई अटका हुआ है पल शायद
वक़्त में पड़ गया है बल शायद

आ रही है जो चाप क़दमों की
खिल रहे हैं कहीं कँवल शायद

बहुत अंदर तक जला देती हैं,
वो शिकायते जो बया नहीं होती

क सपने के टूटकर चकनाचूर हो जाने के बाद
दूसरा सपना देखने के हौसले का नाम जिंदगी हैं

तकलीफ़ ख़ुद की कम हो गयी,
जब अपनों से उम्मीद कम हो गईं

घर में अपनों से उतना ही रूठो
कि आपकी बात और दूसरों की इज्जत,
दोनों बरक़रार रह सके

कौन कहता हैं कि हम झूठ नहीं बोलते
एक बार खैरियत तो पूछ के देखियें

कुछ बातें तब तक समझ में नहीं आती
जब तक ख़ुद पर ना गुजरे

शायर बनना बहुत आसान हैं
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए

two line Gulzar Shayari in hindi

ज्यादा कुछ नहीं बदलता उम्र के साथ
बस बचपन की जिद्द समझौतों में बदल जाती हैं

बचपन में भरी दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला
जब से डिग्रियां समझ में आयी पांव जलने लगे हैं

कुछ जख्मो की उम्र नहीं होती हैं
ताउम्र साथ चलते हैं, जिस्मो के ख़ाक होने तक

हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उनको
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया

कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं
और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता

समेट लो इन नाजुक पलो को
ना जाने ये लम्हे हो ना हो
हो भी ये लम्हे क्या मालूम शामिल
उन पलो में हम हो ना हो

GULZAR QUOTES ON FRIENDSHIP

उसने कागज की कई कश्तिया पानी उतारी और
ये कह के बहा दी कि समन्दर में मिलेंगे

जिंदगी के ऊपर ग़ुलज़ार शायरी
टूट जाना चाहता हूँ, बिखर जाना चाहता हूँ
में फिर से निखार जाना चाहता हूँ
मानता हूँ मुश्किल हैं…
लेकिन में गुलज़ार होना चाहता हूँ

बिगड़ैल हैं ये यादे
देर रात को टहलने निकलती हैं

सुना हैं काफी पढ़ लिख गए हो तुम
कभी वो भी पढ़ो जो हम कह नहीं पाते हैं

गुलज़ार दिल से कोट्स
आदतन तुम ने कर दिए वादे
आदतन हम ने ऐतबार किया
तेरी राहो में बारहा रुक कर
हम ने अपना ही इंतज़ार किया
अब ना मांगेंगे जिंदगी या रब
ये गुनाह हम ने एक बार किया

ऐ हवा उनको कर दे खबर मेरी मौत की… और कहना कि
कफ़न की ख्वाहिश में मेरी लाश
उनके आँचल का इंतज़ार करती है

बहुत अंदर तक जला देती है,
वो शिकायतें जो बयाँ नही होती

मैंने दबी आवाज़ में पूछा – “मुहब्बत करने लगी हो?”
नज़रें झुका कर वो बोली – “बहुत

GULZAR SAHAB BEST POETRY


तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,
दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे…
ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में,
उसको पढते रहे और जलाते रहे

कहू क्या वो बड़ी मासूमियत से पूछ बैठे है,
क्या सचमुच दिल के मारों को बड़ी तकलीफ़ होती है
तुम्हारा क्या तुम्हें तो राहे दे देते हैं काँटे भी,
मगर हम खांकसारों को बड़ी तकलीफ़ होती है


गुलजार दोस्ती शायरी (Gulzar Ki Shayari )
तन्हाई की दीवारों पर घुटन का पर्दा झूल रहा हैं, बेबसी की छत के नीचे, कोई किसी को भूल रहा हैं

बेहिसाब हसरते ना पालिये जो मिला हैं उसे सम्भालिये!!

Gulzar Poetry
कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता!!

किसी पर मर जाने से होती हैं मोहब्बत, इश्क जिंदा लोगों के बस का नहीं!!

शब्द नए चुनकर कविता हर बार लिखू
उन दो आँखों में अपना सारा प्यार लिखू
वो में विरह की वेदना लिखू या मिलन की झंकार लिखू
कैसे इन चंद लफ्जो में दोस्तों अपना सारा प्यार लिखू

ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं
ना पास रहने से जुड़ जाते हैं
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं

एक सो सोलह चाँद की रातें
एक तुम्हारे कंधे का तिल
गीली मेहँदी की खुश्बू
झूठ मूठ के वादे
सब याद करादो, सब भिजवा दो
मेरा वो सामान लौटा दो

कुछ अलग करना हो तो
भीड़ से हट के चलिए,
भीड़ साहस तो देती हैं
मगर पहचान छिन लेती हैं

अच्छी किताबें और अच्छे लोग
तुरंत समझ में नहीं आते हैं,
उन्हें पढना पड़ता हैं

सुनो…
जब कभी देख लुं तुमको
तो मुझे महसूस होता है कि
दुनिया खूबसूरत है

मैं दिया हूँ
मेरी दुश्मनी तो सिर्फ अँधेरे से हैं
हवा तो बेवजह ही मेरे खिलाफ हैं

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