Yogi Adityanth Shayari in hindi | योगी आदित्यनाथ शायरी

चमन को सींचने में कुछ पत्तियां झड़ गईं होंगी, यही इल्जाम है हम पर बेवफाई का
चमन को रौंद डाला जिन्होंने अपने पैरों से, वही दावा कर रहे हैं इस चमन की रहनुमाई का।

योगी हु, आजीवन योगी ही रहुगा. ‘मुझे सिर्फ श्लोक आता है

योगी आदित्यनाथ शायरी
Yogi Adityanth Shayari in hindi

एक सन्यासी कासमाज सेवा कर्तव्य होता है
जो दुसरो के लिए जागता है और मानवता के लिए सोता होता है

यदि किसी का आधार कमजोर होगा,
तो भवन भरभरा कर गिर जायेगा.
लेकिन यदि नींव मजबूत है,
तो भवन वही खड़ा होता है

Yogi Adityanth Shayari in hindi

योगी जी अच्छों के लिए अच्छे
और बुरों के लिए बहुत बुरे है,
पूर्वांचल के तेज़ विकास
और जनता से काफी जुड़े है.

दुश्मन जिस भाषा में समझेंगे उसी में उत्तर पायेंगे,
देश के युवाओं को शास्त्र और शस्त्र दोनों में निपुण बनायेंगे।